कई राज्यों में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर सप्लाई बंद: LPG cylinder rising by Rs 60 across the country
अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से हॉर्मुज जलमार्ग के रास्ते गैस सप्लाई ठप हो गई है। इससे देश में LPG की किल्लत हो रही है। दिल्ली, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों ने कॉमर्शियल गैस की सप्लाई पर रोक लगा दी है।
पिछले कुछ समय में मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। जो टकराव ईरान से जुड़ी एक भू-राजनीतिक स्थिति के रूप में शुरू हुआ था, उसका असर धीरे-धीरे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दिखाई देने लगा है। कई लोगों के लिए यह युद्ध भले ही बहुत दूर की घटना लगे, लेकिन इसके प्रभाव अब आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी तक पहुंचने लगे हैं। इसका सबसे बड़ा असर रसोई गैस यानी LPG सिलेंडर की सप्लाई पर देखा जा रहा है।

25 दिन बाद होगी LPG बुकिंग: घरेलू सिलेंडर की बुकिंग के नियमों में बदलाव किया है। उपभोक्ता एक सिलेंडर डिलीवर होने के बाद दूसरा सिलेंडर 25 दिन बाद ही बुक होगा। OTP और बायोमेट्रिक अनिवार्य: गैस की जमाखोरी रोकने के लिए डिलीवरी एजेंट OTP या बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का सख्ती से इस्तेमाल कर रहे हैं।
सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर के दाम ₹60 बढ़ाए
सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपए महंगा कर दिया है। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम की LPG गैस अब 913 रुपए की मिल रही है। पहले यह 853 रुपए की थी। बढ़ी हुई कीमतें 7 मार्च से लागू हो गई हैं। वहीं 19 किग्रा वाले कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम 1 मार्च को 115 रुपए बढ़ाए गए थे। यह अब 1883 रुपए का मिल रहा है।
देशभर में ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955’ लागू: अब गैस को 4 कैटेगरी में बांटा जाएगा….
पहली कैटेगरी (पूरी सप्लाई): इसमें घर की रसोई गैस (PNG) और गाड़ियों में डलने वाली CNG आती है। इन्हें पहले की तरह पूरी गैस मिलती रहेगी।
दूसरी कैटेगरी (खाद कारखाने): खाद बनाने वाली फैक्ट्रियों को करीब 70% गैस दी जाएगी। बस उन्हें यह साबित करना होगा कि गैस का इस्तेमाल खाद बनाने में ही हुआ है।
तीसरी कैटेगरी (बड़े उद्योग): नेशनल ग्रिड से जुड़ी चाय की फैक्ट्रियों और दूसरे बड़े उद्योगों को उनकी जरूरत की लगभग 80% गैस मिलेगी।
चौथी कैटेगरी (छोटे बिजनेस और होटल): शहरों के गैस नेटवर्क से जुड़े छोटे कारखानों, होटल और रेस्टोरेंट को भी उनकी पुरानी खपत के हिसाब से लगभग 80% गैस दी जाएगी।
‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का लगभग बंद होना

भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का बंद होना है। ये करीब 167 किमी लंबा जलमार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। ईरान जंग के कारण यह रूट अब सुरक्षित नहीं रहा है। खतरे को देखते हुए कोई भी तेल टैंकर वहां से नहीं गुजर रहा।
दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा यहीं से गुजरता है। सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे देश भी अपने निर्यात के लिए इसी पर निर्भर हैं। भारत अपनी जरूरत का 50% कच्चा तेल और 54% एलएनजी इसी रास्ते से मंगाता है। ईरान खुद इसी रूट से एक्सपोर्ट करता है।
कब तक सुधरेंगे हालात?
इंडियन ऑयल के मुख्य महाप्रबंधक (LPG) के.एम. ठाकुर का कहना है कि ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं है और पैनिक बुकिंग न करें। सरकार अब अमेरिका जैसे देशों से वैकल्पिक कार्गो मंगाने पर विचार कर रही है।
वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर G7 देश अपने इमरजेंसी तेल भंडार से सप्लाई जारी करने पर चर्चा कर रहे हैं, ताकि ग्लोबल मार्केट में ऊर्जा संकट को कम किया जा सके। रूस और अल्जीरिया से भी अतिरिक्त कच्चा तेल आने की उम्मीद है।
महाराष्ट्र: मुंबई में करीब 20% हटोल और रेस्टोरेंट बंद
मुंबई, पुणे और नागपुर में कॉमर्शियल गैस की भारी कटौती की गई है। पुणे में तो हालात इतने खराब हैं कि नगर निगम ने गैस शवदाह गृह अस्थायी रूप से बंद कर दिए हैं। राज्य के करीब 9,000 रेस्टोरेंट्स और बार पर बंद होने का खतरा मंडरा रहा है।
किन राज्यों/शहरों पर सबसे ज्यादा असर है? उत्तर भारत: पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश में टूरिस्ट सिटीज और औद्योगिक क्षेत्रों में व्यावसायिक सिलेंडर की भारी कमी है।
महत्वपूर्ण बातें:
यह संकट मुख्यतः कमर्शियल (व्यावसायिक) सिलेंडर के लिए है, घरेलू सिलेंडर की आपूर्ति जारी है।
सरकार ने तेल कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने और सप्लाई स्थिर करने के निर्देश दिए हैं।





